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Wednesday, September 19, 2018

व्हाट्सअप कॉल के जरिये आरोप गठन का मामला अब झारखंड हाईकोर्ट की स्टेंडिंग कमिटी के पास पहुंच, पांच सदस्यीय कमिटी निर्णय लेगी

 सुप्रीम कोर्ट द्वारा आपत्ति जताए जाने के बाद व्हाट्सअप कॉल के जरिये आरोप गठन का मामला अब झारखंड हाईकोर्ट की स्टेंडिंग कमिटी के पास पहुंच गया है. अब इस पर पांच सदस्यीय कमिटी निर्णय लेगी. इसकी जानकारी हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल अंबुज नाथ ने दी. उन्होंने बताया कि कमिटी में हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अनिरूद्ध बोस, न्यायमूर्ति डीएन पटेल, न्यायमूर्ति अपरेश सिंह, न्यायमूर्ति एचसी मिश्रा शामिल हैं.

बता दें कि हाईकोर्ट ने हजारीबाग प्रधान जिला जज से इस मामले में जांच रिपोर्ट मांगी थी. हाईकोर्ट को वह प्राप्त हो चुकी है. हाइकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी जिला जज हजारीबाग से मांगी थी. दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने हजारीबाग कोर्ट के व्हाट्सअप कॉल पर आरोप गठन पर सख्त रवैया अपनाते हुए कहा कि यह कैसा मजाक है. साथ ही इसे न्यायिक प्रक्रिया के विरूद्ध करार दिया. बता दें कि हाईकोर्ट ने हजारीबाग प्रधान जिला जज से इस मामले में जांच रिपोर्ट मांगी थी. हाईकोर्ट को वह प्राप्त हो चुकी है. हाइकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी जिला जज हजारीबाग से मांगी थी. दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने हजारीबाग कोर्ट के व्हाट्सअप कॉल पर आरोप गठन पर सख्त रवैया अपनाते हुए कहा कि यह कैसा मजाक है. साथ ही इसे न्यायिक प्रक्रिया के विरूद्ध करार दिया. 

दरअसल पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और उनकी पत्नी निर्मला देवी 2016 के एक दंगा के मामले में आरोपी हैं. उन्हें शीर्ष अदालत ने पिछले साल जमानत दी थी. कोर्ट ने यह शर्त लगाई थी कि वे भोपाल में रहेंगे और अदालती कार्यवाही में हिस्सा लेने के अतिरिक्त झारखंड में प्रवेश नहीं करेंगे. पूर्व मंत्री की आपत्ति जताने के बावजूद हजारीबाद कोर्ट के जज ने बीते 19 अप्रैल को व्हाट्सअप कॉल के जरिये उनके खिलाफ आरोप तय कर दिया.

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